Skip to content

Opening book details…

Can I read प्यार की दास्तान: तुम सुनो तो कहें on EtoBox?

प्यार की दास्तान: तुम सुनो तो कहें by मित्तल, दीप्ति is a work of fiction available to read on EtoBox.

What is प्यार की दास्तान: तुम सुनो तो कहें about?

कहानियां ख़्वाब नहीं होती, वे कल्पनाएँ भी नहीं होती...वे भी हम इंसानों की तरह सुने जाने को तड़पती शय होती हैं जिन्हें तभी चैन मिलता है जब कोई उन्हें चुपचाप बैठ जी भर सुन ले...वो जो हैं, जैसी हैं, उन्हें अपना ले...ये प्रेमकहानी भी यही चाहती है...इस कहानी में प्रेम भी है, भटकाव भी... रहस्य भी है, रोमांच भी...प्रेम की जीत भी है और हार भी... जो भी है आपके सामने प्रस्तुत है।अंश..कभी कभी किसी सफ़र में कुछ राहें ऐसी मिल जाती हैं जिन्हें हम नहीं चुनते, वो हमें चुनती हैं...बिसात के मोहरों की तरह और हमें जैसा चाहें, चलाती हैं। अतुन और रिया का ये सफ़र भी कुछ ऐसा ही मोड़ लेने वाला था। रिया ने टैक्सी भीरा गाँव की सीमा से थोड़ा पहले एक चाय की टपरी पर रूकवा चाय पीते हुए उन्होंने लोगों से उस जगह के बारे में पूछताछ शुरु कर दी। मगर जितने मुँह उतनी ही कहानियाँ निकलकर आ रही थी और किसी का किसी से सिर-पैर नहीं मिल रहा था। कोई कहता वहाँ ख़ूनी झरना है बहता है तो कोई कहता खण्ड़ित शिव मंदिर में ब्रह्म राक्षस बसता है। कोई कहता, ऐसा कुछ नहीं है, नशेडियों-चरसियों ने अड्डा बना रखा है वहाँ, उन्होंने ही ये कहानियाँ फैलाई हुई हैं। कहानी जो भी हो, सब के मन में वहाँ जाने के नाम डर था। बहुत मनाने के बावज़ूद, पैसों का लालच देने के बाद भी वहाँ कोई गाँव वाला जाने को तैयार न था। तब रिया ने सोचा ‘चलो हम अकेले ही चलते हैं,

Who reads प्यार की दास्तान: तुम सुनो तो कहें?

It is typically read by readers looking for immersive, entertainment-first reading.

Common subject areas: fiction, literature, genre fiction.

Author
मित्तल, दीप्ति
Publisher
Independently published
Published
2021
Language
HI
Category
work of fiction
Subjects
Romance, Other Romance Categories, Fiction

More by मित्तल, दीप्ति

Browse all works by मित्तल, दीप्ति

Similar books