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Can I read Gyanmarg Karmayogi Swami Vivekananda on EtoBox?

Gyanmarg Karmayogi Swami Vivekananda by DEOKINANDAN GAUTAM is a nonfiction available to read on EtoBox.

What is Gyanmarg Karmayogi Swami Vivekananda about?

स्वामीविवेकानंद महान् स्वप्नद्रष्टा थे। अध्यात्मवाद बनाम भौतिकवाद के विवाद में पड़े बिनाभी यह कहा जा सकता है कि समता के सिद्धांत का जो आधार विवेकानंद ने दिया, एक बौद्धिकआधार शायद ही ढ़ूँढ़ा जा सके।स्वामीजीकी दृष्टि में स्पष्ट हो चुका था कि भारत के अध्यात्म से पश्चिम की आत्मा को पुष्टकरना होगा और पश्चिम की वैज्ञानिक समृद्धिसे भारत के तन का पोषण करना होगा। दोनों एक-दूसरे की प्रतिपूर्ति करेंगे, पूरक बनेंगे,तब मानवता का कल्याण होगा और इसके लिए स्वामी विवेकानंद को अमेरिका जाना होगा।पवित्रताको नरेंद्रनाथ आध्यात्मिक जीवन की आधारशिला मानते हैं। उनके लिए यह विधा दूषण का प्रतिरोधन होकर सर्व स्वस्ति से प्रगाढ़ प्रेम है। यह स्वस्ति कामना अपने व्यापकतम अर्थ मेंहै, जो एक आध्यात्मिक शक्ति के रूप में सभी प्रकार के जीवन को अपने आगोश में लेतीहै।परमहंसने द्वैत-अद्वैत के प्रतीयमान विरोधाभास में एकता स्थापित की। इस बराबरी (धार्मिक बराबरी)का वैचारिक आधार भी एकमात्र अद्वैत ही प्रदान कर सकता है, क्योंकि इसमें किसी अन्यको अपने से अभिन्न ही माना जाता है और इसी आधार पर नैतिक आचरण का निर्माण होता है।स्वामीजीको युवकों से बड़ी आशाएँ हैं। लेखक ने आज के युवकों के लिए ही इस ओजस्वी संन्यासी काजीवन-वृत्त उनके समकालीन समाज एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में प्रस्तुत करनेका प्रयत्न किया है।

Who reads Gyanmarg Karmayogi Swami Vivekananda?

It is typically read by self-directed learners exploring a subject in depth.

Common subject areas: history, science, philosophy, social sciences.

Author
DEOKINANDAN GAUTAM
Language
HI
Category
nonfiction

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